Malaria New Treatment: मलेरिया के खात्मे के लिए मच्छरों को नियंत्रित करना बहुत जरूरी है।
वर्तमान में मच्छरों और मलेरिया (Malaria) में कमी के लिए कई तरीकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
मलेरिया रोकने में एंटीपैरासिटिक (Antiparasitic) दवा आइवरमेक्टिन (Ivermectin) प्रभावी मिली है।
जब मच्छर Ivermectin मिला खून चूसते हैं, तो उनका जीवनकाल छोटा हो जाता है।
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लेकिन Ivermectin के अति उपयोग से पर्यावरण, जानवरों और इंसानों को नुकसान पाया गया है।
अब एक नई स्टडी ने मलेरिया और मच्छरों की आबादी रोकने के लिए एक और दवा पहचानी है।
लिवरपूल स्कूल ऑफ ट्रॉपिकल मेडिसिन के वैज्ञानिकों ने निटिसिनोन (Nitisinone) दवा को मच्छरों के लिए घातक पाया है।
यह दवा पिए इंसानों का खून मच्छरों के लिए जहर बन जाता है और 12 घंटे के भीतर वे मर जाते है।
Nitisinone दवा को कुछ दुर्लभ आनुवंशिक बीमारियों के इलाज के लिए पहले से ही मंजूरी दी गई है।
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Nitisinone मानव शरीर में हानिकारक पदार्थों को घटाने के लिए एक प्रोटीन को रोकने का काम करती है।
बता दें कि Ivermectin की तुलना में Nitisinone इंसानों के खून में अधिक समय तक टिकती है।
यह दवा पारंपरिक कीटनाशकों के प्रति मजबूत और सभी प्रजाति के मच्छरों को मारने में सक्षम है।
वैज्ञानिकों ने बताया कि Nitisinone का उपयोग कीटनाशक के रूप में भी किया जा सकता है।
पर्यावरण के अनुकूल यह दवा खासकर खून चूसने वाले कीड़ों को लक्षित करती है।
अभी तक हुई टेस्टिंग में Nitisinone मलेरिया जैसी कीटजनित बीमारियों को नियंत्रित करने में असरदार है।
गौरतलब है कि दुनिया भर में मलेरिया से हर साल आधे मिलियन से अधिक मौतें होती है।
बढ़ती आबादी और मौजूदा इलाज बेअसर होने के कारण रोग से निपटने में दिक्कत हो रही है।
वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि Nitisinone मानव या वन्य जीवन को नुकसान पहुचाने बिना मलेरिया रोकने में अत्यंत उपयोगी हो सकती है।
इस बारे में Science Translational Medicine में छपी रिपोर्ट पढ़ी जा सकती है।