खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले पॉलीअनसेचुरेटेड तेल से एक घातक ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) हो सकता है।
यह चौंकाने वाला खुलासा यूएस वैज्ञानिकों की एक नई स्टडी ने किया है।
स्टडी में पॉलीअनसेचुरेटेड तेल के लिनोलिक एसिड से ‘ट्रिपल नेगेटिव’ (Triple negative) ब्रेस्ट कैंसर के विकास में वृद्धि मिली है।
अन्य प्रकार के ब्रेस्ट कैंसर की तुलना में इसके फैलने और फिर से होने की संभावना अधिक होती है।
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गौरतलब है कि लिनोलिक एसिड (Linoleic acid) एक ओमेगा-6 फैटी एसिड (Omega-6 fatty acid) है।
यह सोयाबीन, सेफफ्लावर जैसे वनस्पति तेलों सहित सूअर मांस और अंडे आदि में मिलता है।
चूहों पर हुई स्टडी में वैज्ञानिकों ने पाया कि लिनोलिक एसिड FABP5 नामक प्रोटीन से जुड़कर ट्यूमर कोशिकाओं को सक्रिय कर सकता है।
ब्रेस्ट कैंसर के विभिन्न प्रकारों की जांच से पता चला कि इससे ट्रिपल-नेगेटिव ट्यूमर कोशिकाओं में वृद्धि होती है।
वैज्ञानिकों ने लिनोलिक एसिड से भरपूर आहार देकर चूहों में ट्रिपल-नेगेटिव ब्रेस्ट कैंसर के विकास को बढ़ाया।
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उन्होंने कहा कि तले हुए और अल्ट्रा प्रोसेस्ड फ़ूड में लिनोलिक एसिड से भरपूर तेलों का अधिक इस्तेमाल होता है।
इसलिए यह खोज खान-पान और कैंसर के बीच के संबंध को स्पष्ट करने में मदद कर सकती है।
ब्रेस्ट कैंसर के अलावा, अत्यधिक ओमेगा-6 का सेवन कुछ अन्य बीमारियों की वृद्धि में भी सहायक हो सकता है।
पिछली स्टडीज में भी ट्रिपल-नेगेटिव रोगियों के ट्यूमर एवं खून में FABP5 और लिनोलिक एसिड की अधिकता मिली थी।
अब यह साफ़ है कि लिनोलिक-एसिड, FABP5 स्तर और mTORC1 सक्रियण से ट्यूमर का विकास होता है।
उनके मुताबिक, उपरोक्त तीनों मिलकर प्रोस्टेट कैंसर के कुछ प्रकारों, मोटापे और डायबिटीज भी कर सकते हैं।
इस बारे में अधिक जानकारी के लिए जर्नल साइंस में प्रकाशित स्टडी पढ़ी जा सकती है।
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