Exercise द्वारा ब्रेस्ट कैंसर फिर से होने का खतरा कम हो सकता है, ऐसा एक नई स्टडी का कहना है।
अन्तर्राष्ट्रीय स्वास्थ्य वैज्ञानिकों की एक टीम द्वारा की गई स्टडी ने, एरोबिक और रेजिस्टेंस एक्सरसाइज से ब्रेस्ट कैंसर पुनरावृत्ति दर (Recurrence rate) कम बताई है।
गौरतलब है कि इलाज के बावजूद, ब्रेस्ट कैंसर (Breast cancer) दोबारा होने और पीड़ितों की मौत का खतरा बना रहता है।
अधिक गंभीर कैंसर में तो पुनरावृत्ति का जोखिम 20 से 30% के बीच रहने की आशंका जताई गई है।
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टीम ने बताया कि ब्रेस्ट कैंसर में कीमोथेरेपी, रेडिएशन या एंडोक्राइन थेरेपी जैसे इलाज से शरीर में सूजन बढ़ती है।
लगातार बनी रहने वाली सूजन से ब्रेस्ट कैंसर दोबारा होने का जोखिम बढ़ सकता है।
ऐसा सूजन द्वारा कैंसर कोशिका की प्रगति और विकास को बढ़ावा देने से संभव है।
वर्त्तमान स्टडी में नॉन-मेटास्टेटिक (Non-metastatic) ब्रेस्ट कैंसर की महिलाओं पर एक्सरसाइज के प्रभाव जाने गए थे।
Non-metastatic ब्रेस्ट कैंसर में कैंसर कोशिकाएं ब्रेस्ट और आस-पास के लिम्फ नोड्स से आगे नहीं फैलती है।
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इसे अक्सर कैंसर की शुरुआत माना जाता है, जिसमें स्टेज 0, 1, 2 और 3 के कुछ मामले शामिल होते हैं।
टीम ने पाया कि रेजिस्टेंस और एरोबिक एक्सरसाइज करने से प्रो-इंफ्लेमेटरी बायोमार्कर कम हो सकते है।
रोजाना एक्सरसाइज से उन्हें सूजन के तीन संकेतों में काफी कमी मिली, जो बेहद उत्साहजनक था।
हालाँकि, एक्सरसाइज करने से सूजन में कमी के पीछे के सटीक तंत्र की अभी भी जाँच चल रही है।
टीम की राय में, एक्सरसाइज के परिणामस्वरूप शरीर की मांसपेशियाँ सूजन घटाने वाला एक केमिकल छोड़ती है।
अन्य अनुमान के मुताबिक, सूजन लक्षणों में कमी हानिकारक बॉडी फैट घटने और मांसपेशियों में वृद्धि से संभव है।
बहरहाल, हफ्ते में 2 से 3 दिन तैरने, चलने, दौड़ने और वेट ट्रेनिंग या बॉडी वेट से की गई क्रमश: एरोबिक और रेजिस्टेंस एक्सरसाइज फायदेमंद है।
अधिक जानकारी, जर्नल ऑफ़ नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट में छपी स्टडी से मिल सकती है।
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