Exercise boosts brainpower: रोजाना एक्सरसाइज करने से शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य उत्तम रहता है।
इस विषय पर हुई एक ऑस्ट्रेलियाई स्टडी ने एक्सरसाइज से हर उम्र वालों की दिमागी शक्ति तेज बताई है।
स्टडी ने किसी भी तरह की एक्सरसाइज से बच्चों, बड़ों और बुजुर्गों के दिमागी कामों व याददाश्त में महत्वपूर्ण वृद्धि कही है।
रोजाना एक्सरसाइज से स्वस्थ व्यक्तियों और मरीजों में ध्यान, समझबूझ, याददाश्त, प्लानिंग आदि कार्य बेहतर मिले है।
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इससे पता चलता है कि दिमागी स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए एक्सरसाइज एक औषधि के समान है।
2724 परीक्षणों और 258,279 इंसानों से जुड़ी 133 समीक्षाओं के विश्लेषण में, हल्की और कड़ी एक्सरसाइज से दिमाग बेहद स्वस्थ मिला है।
एक्सरसाइज करने से बच्चों और किशोरों की याददाश्त में सबसे अधिक सुधार होने की जानकारी है।
यही नहीं, Attention-deficit/hyperactivity disorder (ADHD) जैसे न्यूरोडेवलपमेंटल विकार वालों के दिमाग को भी लाभ पाया गया है।
योग, ताई ची और हाथ-पैर चलाने वाली exergames (वीडियो गेम) से दिमागी फंक्शन में सर्वाधिक सुधार मिला है।
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स्टडी विशेषज्ञों ने रोजाना योग या पैदल चलने जैसी आम एक्सरसाइज से भी दिमाग तेज बताया है।
उपरोक्त एक्सरसाइज सभी उम्र और क्षमताओं के लोग आसानी से कहीं भी कर सकते है।
दिमाग तेज करने में एक्सरसाइज से मिलने वाले लाभ एक से तीन महीनों के भीतर स्पष्ट देखे गए है।
यह इस बात का भी संकेत है कि नई गतिविधियों को आज़माना दिमाग को व्यस्त और सक्रिय रखने में असरदार है।
गौरतलब है कि मानसिक स्वास्थ्य में कमी और न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियाँ बढ़ने से वैश्विक स्वास्थ्य संबंधी चिंताएँ गहराती जा रही हैं।
ऐसे में दवाओं की अपेक्षा थोड़ी एक्सरसाइज करने से भी याददाश्त और दिमागी कामों में सुधार हो सकता है।
खासकर, मानसिक विकारों वालों के लिए एक्सरसाइज को इलाज के तौर पर ज़रूर शामिल करना चाहिए।
इस बारे में अधिक जानकारी British Journal of Sports Medicine में छपी स्टडी से मिल सकती है।
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