इरेक्टाइल डिस्फ़ंक्शन (ED) यानी नपुंसकता को एक्सरसाइज (Exercise) द्वारा काफी हद तक सुधारा जा सकता है।
यह जानकारी प्रोस्टेट कैंसर रोगियों पर हुई ऑस्ट्रेलियाई रिसर्चर्स की एक नई स्टडी ने दी है।
उनके मुताबिक, प्रोस्टेट कैंसर के इलाज से यौन स्वास्थ्य (Sexual health) संबंधित समस्याएं होना आम बात है।
लेकिन एक्सरसाइज थेरेपी द्वारा प्रोस्टेट कैंसर रोगियों में इरेक्टाइल डिस्फ़ंक्शन और संभोग संतुष्टि सुधारे जा सकते है।
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छह महीने तक चले परीक्षण में, टीम ने प्रोस्टेट कैंसर के 112 रोगियों पर एक्सरसाइज के प्रभावों का मुआयना किया।
एक प्रशिक्षित ट्रेनर की देख-रेख में रोगियों को हफ्ते के तीन दिन एरोबिक और रेजिस्टेंस ट्रेनिंग करवाई गई।
एरोबिक ट्रेनिंग में मध्यम से उच्च तीव्रता पर 20 से 30 मिनट की दिल-संबंधी एक्सरसाइज शामिल थी।
रेजिस्टेंस ट्रेनिंग में उन्हें हर सेशन 6 से 12 रिपीटेशन की छह से आठ एक्सरसाइज करवाई गई।
स्टडी समाप्ति के बाद भी उन्हें घर पर हफ्ते में कम से कम 30 मिनट एरोबिक एक्सरसाइज करने के लिए कहा गया।
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एक्सरसाइज के अलावा, कुछ रोगियों को यौन शिक्षा और तनाव नियंत्रण संबंधी कोर्स भी करवाया गया था।
हालांकि, जांच के बाद एक्सरसाइज करने वालों के यौन स्वास्थ्य में कोर्स करने वालों की अपेक्षा उल्लेखनीय सुधार मिला।
इरेक्टाइल डिस्फ़ंक्शन में एक्सरसाइज का असर, प्रोस्टेटेक्टॉमी सर्जरी वालों की तुलना में रेडियोथेरेपी व एंड्रोजन डेप्रिवेशन थेरेपी लेने वाले में अधिक मजबूत था।
एक्सरसाइज थेरेपी अपनाने के बाद, कम यौन इच्छा और सेक्स संतुष्टि वालों ने भी स्वास्थ्य में अधिक सुधार महसूस किया।
निष्कर्षों के आधार पर, प्रोस्टेट कैंसर के पुरुषों में बेहतर यौन स्वास्थ्य के लिए एक्सरसाइज को उपचार का एक अभिन्न अंग माना जाना चाहिए।
यौन स्वास्थ्य के अलावा, नियमित एक्सरसाइज से रोगियों के शरीर पर जमा चर्बी, अधिक वजन और मांसपेशियों की ताकत में भी महत्वपूर्ण सुधार पाया गया।
इस बारे में अधिक जानकारी जामा नेटवर्क ओपन में छपी स्टडी से मिल सकती है।
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