शाकाहार में मौजूद फाइबर (Fiber) मल्टीपल मायलोमा (Multiple Myeloma) की बढ़ोतरी को धीमा कर सकता है।
यह दावा किया है कई अमेरिकी स्वास्थ्य विशेषज्ञों की टीम के एक क्लिनिकल ट्रायल ने।
ट्रायल में बोन मेरो (Bone Marrow) को प्रभावित करने वाला इस लाइलाज ब्लड कैंसर पर आहार का असर जाना गया था।
इसमें मल्टीपल मायलोमा विकसित होने की आशंका वाले 20 मरीज शामिल थे।
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अधिक वजन वाले उन मरीजों ने 12 हफ्तों तक पौधों से प्राप्त फाइबर युक्त भोजन खाया।
उनके भोजन में फल, सब्जियां, मेवे, बीज, साबुत अनाज और फलियां ज्यादा मौजूद थी।
जांच में, रोग की गंभीर अवस्था वाले दो मरीजों के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण सुधार दिखा।
उनके अलावा, एक साल बाद ट्रायल में शामिल अन्य मरीजों में से किसी में भी मल्टीपल मायलोमा नहीं बढ़ा।
उनसे पहले, ज्यादा फाइबर आहार खिलाए गए 44% चूहों में भी मायलोमा की प्रगति नहीं हुई थी।
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जबकि सामान्य आहार खाने वाले सभी चूहे में मायलोमा बढ़ता मिला।
विशेषज्ञों की राय में, शाकाहार का फाइबर आंत माइक्रोबायोम और मेटाबॉलिज़्म में सुधार लाता है।
इससे मरीज में कैंसर से लड़ने वाले एक मजबूत इम्यून सिस्टम का निर्माण हो सकता है।
नतीजों के आधार पर कैंसर से पहले की स्थिति वालों को स्वस्थ आहार खाने की सलाह दी गई है।
हालिया स्टडीज में खराब खान-पान और कम शाकाहार वालों को मल्टीपल मायलोमा का अधिक खतरा पाया गया है।
खासकर अधिक वजन वालों को मल्टीपल मायलोमा की संभावना सामान्य बीएमआई वालों की अपेक्षा दोगुनी मिली है।
शाकाहार से उनमें इंसुलिन सुधार, आंत माइक्रोबायोम स्वस्थ और रोगजनक सूजन में महत्वपूर्ण कमी हो सकती है।
उपरोक्त निष्कर्ष अमेरिकन सोसाइटी ऑफ़ हेमेटोलॉजी 2024 की वार्षिक बैठक में प्रस्तुत किए गए थे।
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