Green tea पीने से बढ़ती उम्र में दिमाग स्वस्थ रह सकता है, ऐसा एक स्टडी का कहना है।
जापान के बुजुर्गों पर हुई स्टडी में, अधिक ग्रीन टी पीने वालों के दिमाग का व्हाइट मैटर (White Matter) कम खराब था।
दिमाग के व्हाइट मैटर में कम खराबी डिमेंशिया व अल्जाइमर विकास रोकने में सहायक मानी गई है।
स्टडी नतीजे 65 वर्ष या अधिक के 8,766 जापानी बुजुर्गों के दिमाग और हेल्थ डेटा पर आधारित थे।
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उनकी रोजाना की ग्रीन टी और कॉफी सेवन का आकलन एक फ़ूड सर्वे की मदद से किया गया।
सभी के दिमागी स्वास्थ्य का आकलन करने के लिए MRI स्कैन की मदद भी ली गई थी।
अधिक ग्रीन टी का सेवन कम White matter lesions (WML) मात्रा के साथ महत्वपूर्ण रूप से जुड़ा था।
प्रतिदिन 600 ml ग्रीन टी पीने वालों में WML की मात्रा 200 ml या उससे कम पीने वालों की तुलना में 3% कम थी।
प्रतिदिन 1,500 ml पीने वालों में WML की मात्रा अन्य लोगों की तुलना में 6% कम थी।
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हालांकि, कॉफी पीने से WML मात्रा या दिमागी स्वास्थ्य से जुड़े अन्य हिस्सों पर कोई खास प्रभाव नहीं पड़ा।
नतीजों की मानें तो ग्रीन टी catechins में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और सूजनरोधी गुण दिमागी स्वास्थ्य बढ़ा सकते हैं।
कुल मिलाकर, रोजाना तीन या अधिक गिलास ग्रीन टी पीना दिमागी क्षमता घटाने वाले डिमेंशिया को रोकने में उपयोगी पाया गया।
अधिक जानकारी, npj Science of Food में छपी कनाज़ावा मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्टडी से मिल सकती है।
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