Blood pressure drugs could harm kidneys: लंबे समय तक हाई बीपी दवाएं लेने से किडनी खराब हो सकती है।
यह गंभीर जानकारी यूनिवर्सिटी ऑफ वर्जीनिया स्कूल ऑफ मेडिसिन के रिसर्चर्स ने दी है।
उन्हें हाई बीपी में दी जाने वाली दवाओं से किडनी की खून छानने तथा शुद्ध करने की क्षमता खत्म मिली है।
हालांकि, यह रिसर्च अभी जानवरों पर हुई है, मगर इंसानों में भी ऐसा दुष्प्रभाव मिलने का अनुमान है।
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जांच-पड़ताल के दौरान रिसर्च टीम ने रेनिन-एंजियोटेंसिन सिस्टम (RAS) में खराबी पाई है।
हमारे शरीर का यह हार्मोन सिस्टम ब्लड प्रेशर, फ्लूड और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन को कंट्रोल करता है।
हाई बीपी दवाएं रेनिन एंजाइम के कामों को रोककर खून को आसानी से प्रवाहित होने देती है।
बता दें कि रेनिन किडनी में विशेष कोशिकाओं द्वारा बनाया गया एक एंजाइम है।
यह ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने के लिए बनी एक विशेष प्रतिक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
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दवाओं के दुष्प्रभाव से किडनी खून फ़िल्टर कम, लेकिन रेनिन हार्मोन ज्यादा करने लगती है।
बता दें कि हाई ब्लड प्रेशर से दुनिया भर में 130 करोड़ से अधिक इंसान प्रभावित है।
हाई बीपी को दिल के दौरे, स्ट्रोक और अन्य गंभीर रोगों का कारण कहा गया है।
समस्या प्रभावित मरीजों को उपचार में आमतौर पर RAS inhibitors दवाएं दी जाती है।
ये दवाएँ खून को अधिक आसानी से प्रवाहित करके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करती हैं।
उपरोक्त दवाएं आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती हैं, लेकिन इनके दुष्प्रभाव का डर भी रहता है।
दुष्प्रभावों में अक्सर पेशाब आने में कमी, टांगों-पैरों में सूजन या अन्य दिक्कतें हो सकती है।
फिलहाल टीम ने हाई बीपी दवाओं में किडनी क्षतिग्रस्त करने वाले प्रभावों को रोकने की आवश्यकता कही है।
इस बारे में और जानकारी सर्कुलेशन रिसर्च में छपी रिपोर्ट से मिल सकती है।
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