एक ऑस्ट्रेलियाई स्टडी ने हमारी लाइफस्टाइल का दिमागी सेहत और डिमेंशिया रोग से सीधा संबंध पाया है।
नतीजों में नींद, खान-पान और शारीरिक गतिविधियां किसी मानसिक समस्या से पूर्व दिमाग को प्रभावित करते मिले हैं।
स्टडी रिसर्चर्स ने खराब लाइफस्टाइल वालों को डिमेंशिया रोग का ज्यादा खतरा बताया है।
ऐसे इंसानों के दिमाग का वाइट मैटर वॉल्यूम (white matter volume) और इलेक्ट्रिकल एक्टिविटी (electrical activity) गड़बड़ थे।
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दोनों का काम परस्पर संतुलन द्वारा दिमाग के एक हिस्से से दूसरे तक सूचना पहुँचाना है।
नवीन जानकारी के लिए, टीम ने 65 साल के 98 स्वस्थ पुरुषों और महिलाओं के दिमागी स्वास्थ्य की जांच की थी।
विभिन्न तरीकों से हुई जांच में उन्होंने डिमेंशिया रोग होने का खतरा दो प्रमुख संकेतकों की उपस्थिति से जुड़ा पाया।
उनमें से एक थी white matter की मात्रा और दूसरी दिमाग की electrical activity को संतुलित करने की क्षमता।
White matter मात्रा में कमी दिमाग की समय से पहले उम्र बढ़ने के माप को दर्शाती है।
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लेकिन दिमाग की electrical activity के संतुलन को मापना एक नया तरीका था।
टीम ने दोनों संकेतकों की स्थिति को भापकर डिमेंशिया रोग की जल्द रोकथाम संभव बताई।
इसके लिए उन्होंने अच्छी लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतों का जल्द से जल्द पालन करने की सलाह दी।
आदतों में अधिक फलों-सब्जियों, साबुत अनाज और ऑलिव तेल का सेवन, 7 से 9 घंटे की नींद, नियमित एक्सरसाइज और सामाजिक मेलजोल ज़रूरी बताए गए।
और जानकारी एज एंड एजिंग जर्नल में प्रकाशित स्टडी से मिल सकती है।
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