अन्तर्राष्ट्रीय रिसर्चर्स ने COVID-19 संक्रमण के बाद किडनी कामों (Kidney Function) में तेज गिरावट बताई है।
यह संभावना खासकर अस्पताल में भर्ती गंभीर COVID-19 संक्रमितों में प्रबल पाई गई है।
ऐसे लोगों को किडनी के कार्य पर अधिक बारीकी से निगरानी रखने की आवश्यकता कही गई है।
नई स्टडी ने गंभीर COVID-19 संक्रमितों को क्रोनिक किडनी रोग (Chronic kidney disease) होने की आशंका जताई है।
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बता दें कि उपरोक्त रोग में क्षतिग्रस्त किडनी खून को सही से फ़िल्टर नहीं कर सकती है।
स्टडी में COVID-19 और निमोनिया के क्रमश: 134565 संक्रमितों एवं 35987 मरीजों के स्वास्थ्य डेटा का विश्लेषण किया गया था।
किडनी स्वास्थ्य में COVID-19 संक्रमण के बाद निमोनिया की अपेक्षा अधिक वार्षिक गिरावट देखी गई।
यह गिरावट अस्पताल में भर्ती हुए गंभीर रूप से संक्रमित COVID-19 वालों में अधिक थी।
इसकी पुष्टि दोनों समस्याओं से प्रभावित पुरुषों और महिलाओं के eGFR टेस्ट में हुए वार्षिक परिवर्तन से हुई।
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eGFR (estimated glomerular filtration rate) टेस्ट बताता है कि किडनी अच्छी तरह काम कर रही है या नहीं।
COVID-19 के बाद eGFR में वार्षिक कमी 3.4% थी, जो अस्पताल में भर्ती संक्रमितों में बढ़कर 5.4% हो गई थी।
निमोनिया मरीजों के eGFR में वार्षिक कमी 2.3% थी। यह अस्पताल में भर्ती मरीजों में एक समान ही रही।
नतीजों ने अस्पताल में भर्ती COVID-19 संक्रमितों को क्रोनिक किडनी रोग से बचने के लिए उचित कदम उठाने की सलाह दी।
विस्तृत जानकारी के लिए, JAMA Network Open में प्रकाशित स्टडी पढ़ सकते है।