Sleep deprivation effect: एक नई स्टडी ने नींद की कमी से इंसानों का इम्यून सिस्टम कमजोर बताया है।
स्टडी से यह भी पता चला है कैसे यह कमी मोटापा, डायबिटीज और दिल की बीमारियां ला सकती है।
कुवैत के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की खोज में, एक दिन की नींद की कमी से भी स्वस्थ इंसानों की इम्यून कोशिकाओं (Immune cells) में बदलाव देखा गया।
उनकी कोशिकाओं में हुआ यह बदलाव मोटापे से ग्रस्त अस्वस्थ व्यक्तियों के समान हानिकारक था।
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इससे पता चलता है कि हमारा इम्यून सिस्टम नींद के प्रति अत्यधिक संवेदनशील और तुरंत बदलावकारी है।
स्टडी विशेषज्ञों के अनुसार, बदलाव जारी रहने से कई रोगों का खतरा बढ़ाने वाली सूजन में वृद्धि हो सकती है।
बता दें कि नींद में गड़बड़ी से डायबिटीज, दिल की बीमारियों और अन्य रोगों को जोड़ने वाले पर्याप्त सबूत मौजूद हैं।
मोनोसाइट जैसी इम्यून कोशिकाओं का मुख्य कार्य शरीर को बाहरी बैक्टीरिया, वायरस और फंगस के संक्रमण से बचाना है।
रोगजनक सूजन को रोकने में सहयक ये श्वेत रक्त कोशिकाएं (White blood cells) 24 घंटे शरीर की निगरानी करती हैं।
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इस स्टडी में विभिन्न कद-काठी और वजन वाले 237 स्वस्थ वयस्क शामिल थे।
विशेषज्ञों ने उनकी नींद का विश्लेषण करते हुए विभिन्न मोनोसाइट्स सहित सूजन लक्षणों को जानने के लिए खून के नमूने लिए।
उन्होंने मोटे व्यक्तियों में दुबलों की अपेक्षा नींद की गुणवत्ता काफी कम और रोगजनक सूजन अधिक पाई।
मोटे व्यक्तियों में खराब नींद और बढ़े हुए प्रो-इंफ़्लेमेशन यानी सूजन से संबंधित मोनोसाइट्स अधिक थी।
नींद की कमी वाले स्वस्थ दुबले व्यक्तियों की जाँच में भी वैसी ही मोनोसाइट्स की अधिकता देखी गई।
इससे पता चलता है कि रोग पैदा करने वाली सूजन को नियंत्रित करने में नींद की महत्वपूर्ण भूमिका है।
नतीजों में नई टेक्नोलॉजी, देर तक स्क्रीन देखने और लाइफस्टाइल बदलाव से नींद में कमी बताई गई।
इनसे हुए नींद के नुकसान का इम्यून सिस्टम और संपूर्ण स्वास्थ्य पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ रहा है।
यह स्टडी द जर्नल ऑफ़ इम्यूनोलॉजी में प्रकाशित हुई थी।
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