गर्मी में लू यानी Heatstroke से महत्वपूर्ण अंग फेल या मौत होने का खतरा रहता है।
अब एक अमेरिकी स्टडी ने हीटस्ट्रोक से दिल को ज़बरदस्त नुकसान और मोटापा बताया है।
फ्लोरिडा यूनिवर्सिटी की नई स्टडी में, हीटस्ट्रोक प्रभावित चूहों के कई अंगों को स्थाई नुकसान सहित मोटापा मिला है।
ठीक होने के बावजूद, उनके दिल ने दो हफ्ते के भीतर ही सही काम करना बंद कर दिया था।
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इसके अलावा, हीटस्ट्रोक से उबरने के बाद चूहों को अधिक फैट युक्त वेस्टर्न स्टाइल डाइट दी गई।
इससे उनके शरीर पर और अधिक तनाव पड़ा, जिससे उनका वजन अत्यधिक बढ़ गया।
हालांकि, नर चूहों के स्वास्थ्य पर मादा की अपेक्षा हीटस्ट्रोक के सबसे बुरे प्रभाव देखे गए।
वैज्ञानिकों ने एक बार हीटस्ट्रोक होने के बाद चूहों पर तीन महीने तक नजर रखी थी।
उन्होंने जाना कि हीट इंजरी से चूहों का दिल अत्यंत कमजोर हुआ। उनके मेटाबॉलिज्म पर भी बुरा असर पड़ा।
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वैज्ञानिकों के अनुसार, हीटस्ट्रोक प्रभावित चूहों पर पड़े दुष्प्रभाव मनुष्यों से एकदम मेल नहीं खाते।
इसलिए, हीटस्ट्रोक प्रभावित इंसानों की जांच से उनकी दीर्घकालिक समस्याओं को समझा जा सकता है।
निष्कर्षों से पता चलता है कि हीटस्ट्रोक का सही इलाज करना बहुत ज़रूरी है।
वर्तमान में, गंभीर हीटस्ट्रोक से तुरंत उबरने का कोई सटीक उपचार नहीं है।
लेकिन और रिसर्च से हीटस्ट्रोक के स्वास्थ्य नुकसान सीमित करने वाले उपाय खोजे जा सकते है।
बता दें कि तेजी से बढ़ते तापमान के कारण इंसानों को गर्मी से संबंधित बीमारियां अधिक होने का अनुमान है।
ऐसे में लोगों को अधिक तेज़ी से ठीक होने में मदद करने वाले उपचारों की पहचान बहुत आवश्यक है।
इस बारे में और जानकारी कम्युनिकेशन बायोलॉजी में प्रकाशित स्टडी से मिल सकती है।
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