एक नई स्टडी ने पुरुषों को बढ़ती उम्र में वजन कंट्रोल रखने की सलाह दी है।
स्टडी में थोड़ा वजन बढ़ने से भी पुरुषों में पीठ दर्द (Back pain) और इससे जुड़ी कमजोरी (Disability) में वृद्धि मिली है।
पुरुषों के अधिक वजन का पीठ दर्द से संबंध खोजने वाली यह पहली स्टडी मानी गई है।
दो दशक लंबी स्टडी में 50 साल से अधिक वाले 695 पुरुषों के शरीर का विश्लेषण किया गया था।
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पांच साल में तीन किलो जितने वजन की वृद्धि से पीठ दर्द और दस साल बाद निर्बलता में अधिकता जानी गई।
ऑस्ट्रेलियाई खोजकर्ताओं ने वर्ष 2006-2010 के बीच बिना या कम पीठ दर्द एवं निर्बलता ग्रस्त पुरुषों की जांच की थी।
उन सभी पुरुषों ने ऑस्टियोपोरोसिस पर हुई एक बड़ी स्टडी में भाग लिया था।
दस साल बाद, खोजकर्ताओं ने अधिक दर्द या निर्बलता से प्रभावित हुए पुरुषों की पहचान की।
उनका दस साल की शुरुआत और अंत में वजन, बीएमआई, कमर साइज, बॉडी फैट और मांसपेशियों का आकलन किया गया।
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पिछले पाँच वर्षों में लगभग तीन किलो वजन बढ़ने से एक दशक बाद उन्हें पीठ दर्द और संबंधित निर्बलता ज्यादा थी।
लेकिन स्वस्थ मांसपेशियों वाले पुरुषों में गंभीर पीठ दर्द और कमजोरी विकसित होने की संभावना कम थी।
यानी पुरुषों के लिए वृद्धावस्था में कमजोरी से बचने के लिए मांसपेशियों को स्वस्थ रखना बेहद ज़रूरी है।
बता दें कि साल 2050 तक, 85 करोड़ से अधिक इंसानों के पीठ दर्द से प्रभावित होने का अनुमान है।
आंकड़ों के विपरीत, पीठ दर्द और कमजोरी का इलाज करने वाले तरीकों का असर सीमित देखा गया है।
पीठ दर्द व संबंधित कमजोरी दैनिक कार्यों, शारीरिक गतिविधि, समाजीकरण और व्यक्तिगत देखभाल में बड़ी बाधा है।
नतीजे वजन कंट्रोल और वृद्ध पुरुषों में मांसपेशियों की ताकत बनाए रखने के महत्व को उजागर करते हैं।
मेलबोर्न की मोनश यूनिवर्सिटी द्वारा की गई स्टडी Journal of Cachexia, Sarcopenia and Muscle में छपी थी।