Walking effect on depression: प्रतिदिन चलने से डिप्रेशन में कमी संभव है, ऐसा कई स्टडीज़ की जांच में मिला है।
अन्तर्राष्ट्रीय स्टडीज की जांच में स्पेन, चिली, उरुग्वे और इक्वाडोर की हेल्थ यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ शामिल थे।
उन्हें प्रतिदिन लगभग 10,000 कदम चलने से डिप्रेशन लक्षणों में कमी की संभावना मिली है।
स्टडीज की समीक्षा में चलने जैसी सरल कसरत डिप्रेशन रोकने में एंटीडिप्रेसेंट समान असरदार थी।
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नई समीक्षा में दुनिया भर के 96173 पुरुषों और महिलाओं पर हुई 33 स्टडीज को जांचा गया था।
उन लोगों ने एक फिटनेस-ट्रैकर से अपने दैनिक कदमों (daily steps) की गिनती की थी।
प्रतिदिन 5,000 कदम या अधिक चलने वालों में डिप्रेशन के कम लक्षण जाने गए।
हर दिन 1000 कदम की वृद्धि और 7000 कदम/दिन से अधिक चलने वालों में डिप्रेशन होने का खतरा क्रमशः 9% और 31% कम था।
प्रतिदिन 5,000 कदम या उससे कम चलने वालों की अपेक्षा 7,000 कदम वालों में डिप्रेशन की संभावना 31% कम थी।
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इसके अलावा, रोजाना 7,500 कदम से अधिक चलने पर डिप्रेशन में 43% कमी आने की संभावना थी।
मजे की बात थी कि चलने से मानसिक स्वास्थ्य को मिले लाभ हर उम्र के पुरुषों और महिलाओं में देखे गए।
हालांकि, प्रतिदिन 10,000 कदमों से ज्यादा चलने पर डिप्रेशन लक्षणों में महत्वपूर्ण कमी नहीं देखी गई।
नए निष्कर्षों ने योग, ताई ची, वेट ट्रेनिंग और एरोबिक्स समान ही चलने को भी डिप्रेशन दूर रखने में सहायक पाया।
बता दें कि मानसिक स्वास्थ्य बिगाड़ने वाले डिप्रेशन से दुनिया भर में 33 करोड़ से अधिक इंसान प्रभावित हैं।
रोजाना चलना डिप्रेशन रोकथाम में एक सरल लेकिन प्रभावी सार्वजनिक स्वास्थ्य रणनीति हो सकता है।
यह खोजबीन JAMA Network Open पत्रिका में प्रकाशित हुई थी।
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