अगर आप रोगमुक्त लंबी ज़िंदगी जीना चाहते हैं तो खुद को शारीरिक रूप से सक्रिय (Physically active) रखिए।
ऐसा करने से बुढ़ापे तक दिमागी स्वास्थ्य (Brain health) भी बरकरार रह सकता है।
यह जानकारी अमेरिकी स्वास्थ्य वैज्ञानिकों ने चूहों पर हुई एक स्टडी के बाद दी है।
स्टडी ने इंसानों में बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं के लिए शारीरिक निष्क्रियता को प्रमुख माना है।
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नतीजों में केवल 10 दिनों की शारीरिक निष्क्रियता से इंसुलिन और हिप्पोकैम्पस को हानि मिली है।
बता दें कि हिप्पोकैम्पस याददाश्त और सीखने से जुड़ा दिमाग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
यही नहीं, 10 दिनों तक मांसपेशियों के उपयोग में कमी से अल्जाइमर रोग करने वाले खास प्रोटीनों में भी वृद्धि मिली है।
दिमाग की यह बीमारी लाइलाज है और बुजुर्गों की मौत का पाँचवाँ प्रमुख कारण बताई गई है।
निष्कर्ष इस बात की पुष्टि करते हैं शारीरिक रूप से सक्रिय रहना शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।
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यह आदत न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों के विकास को संभावित रूप से रोकने या देरी में सहायक है।
इसके अलावा, शारीरिक रूप से सक्रिय रहने वाले वृद्धावस्था में अधिक आनंददायक जीवन जी सकते है।
वैज्ञानिकों ने स्वास्थ्य सुधार के लिए रोजाना एक्सरसाइज करने सहित चलने-फिरने को महत्वपूर्ण कहा है।
उन्होंने 40 और 50 की उम्र में दिमागी क्षमता घटाने वाले अल्ज़ाइमर रोग की शुरुआत कही है।
भले ही इस रोग के बारे में अक्सर 65 वर्ष की आयु या उसके बाद पता चलता है।
रोकथाम के लिए एक्सरसाइज और स्वस्थ लाइफस्टाइल से जुड़ी आदतें अपनाने की सलाह दी गई है।
कोलंबिया स्थित मिसौरी यूनिवर्सिटी की यह स्टडी जर्नल ऑफ़ एप्लाइड फिजियोलॉजी में छपी थी।
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