अगर आप अपनी याददाश्त (Memory) तेज रखना चाहते हैं तो रोजाना शारीरिक रूप से एक्टिव रहिए।
यह बात एक स्टडी ने कही है, जिसमें तेज चलने, डांस करने या सीढ़ियां चढ़ने से याददाश्त में सुधार मिला है।
इतना ही नहीं, हर रोज मध्यम से जोरदार शारीरिक गतिविधि (Physical activity) आपकी नींद में भी सुधार ला सकती है।
यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की नई स्टडी में दैनिक गतिविधियां दिमागी क्षमता को बढ़ावा देती मिली है।
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मजे की बात थी कि हल्की-फुल्की गतिविधियों से मानसिक क्षमताओं में हुई थोड़ी वृद्धि अगले दिन तक बनी रही।
नतीजों को देखते हुए, बढ़ती उम्र में धड़कनें तेज करने वाली फिजिकल एक्टिविटी रोजाना करने की सलाह है।
यह स्टडी 50 से 83 वर्ष के स्वस्थ दिमाग वाले 76 ब्रिटिश पुरुषों और महिलाओं पर की गई थी।
उन्होंने आठ दिनों तक एक्टिविटी ट्रैकर पहना और रिसर्च टीम ने रोजाना उनकी मेमोरी टेस्ट की।
टीम ने मध्यम या जोरदार फिजिकल एक्टिविटी से अगले दिन वर्किंग मेमोरी व एपिसोडिक मेमोरी (घटनाओं की याद) बेहतर जानी।
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ज़्यादा नींद, खासकर स्लो-वेव नींद (Slow-wave sleep) लेने से एपिसोडिक मेमोरी में सुधार जाना गया।
इस गहरी, आरामदायक नींद में इंसान की हृदय गति धीमी और ब्लड प्रेशर कम हो जाते है।
इसके विपरीत, देर तक सुस्त बैठे रहने से अगले दिन की वर्किंग मेमोरी खराब पाई गई।
टीम के अनुसार, तेजी से की गई एक्सरसाइज दिमाग में खून का दौरा बढ़ा देती है।
एक्सरसाइज से मानसिक कार्यों में सहायक नोरेपीनेफ़्रिन और डोपामाइन जैसे न्यूरोट्रांसमीटर पैदा होते है।
स्टडी से इस बात के सबूत मिले है कि एक्सरसाइज से मानसिक क्षमता तत्काल और देर तक बढ़ सकती है।
इसके अलावा, अच्छी नींद भी मानसिक स्वास्थ्य और क्षमता बेहतर रखने में योगदान देती है।
International Journal of Behavioral Nutrition and Physical Activity में छपी स्टडी ने बढ़ती उम्र में ज्यादा एक्टिव रहने की जरूरत कही है।
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