Good fitness saves cancer patients: अच्छी शारीरिक फिटनेस से कैंसर मरीजों की उम्र में वृद्धि हो सकती है।
यह अनुमान है यूके, इटली और ऑस्ट्रेलिया के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की एक नई स्टडी का।
संयुक्त स्टडी में मजबूत मांसपेशियों और बेहतर फिटनेस से कैंसर मरीजों की किसी भी कारणवश मौत में कमी मानी गई।
नवीन जानकारी 42 स्टडीज के डेटा विश्लेषण से मिली है, जिसमें लगभग 47000 कैंसर मरीज शामिल थे।
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विशेषज्ञों के अनुसार, कैंसर रोगियों के मांसपेशियों की ताकत तथा कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस बढ़ाने से उनका जीवनकाल लंबा हो सकता है।
गौरतलब है कि साल 2022 में, दुनिया के दो करोड़ लोग कैंसरग्रस्त थे, जबकि लगभग एक करोड़ इस रोग से मारे गए।
मामले बढ़ने की संभावना देखते हुए कैंसर रोकथाम और मृत्यु दर घटाने के लिए नए उपायों की ज़रूरत समझी गई है।
यह देखते हुए विशेषज्ञ दल ने नवीनतम 42 स्टडीज का विश्लेषण किया। उनमें विभिन्न कैंसर और स्टेज के लगभग 47,000 रोगी शामिल थे।
हाथ की पकड़ से मांसपेशियों की ताकत और दिल व फेफड़ों की क्षमता से कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस का आकलन किया गया।
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अच्छी ताकत और फिटनेस के मरीजों को खराब मांसपेशियों की ताकत और कम कार्डियोरेस्पिरेटरी फिटनेस वालों की अपेक्षा किसी भी कारण से मरने की संभावना 31 से 46% कम थी।
मरीजों की मांसपेशियों की ताकत में प्रत्येक इकाई की वृद्धि से उनकी मृत्यु का जोखिम 11% और कम पाया गया।
ताकत और फिटनेस का यह संयोजन, उन्नत कैंसर (स्टेज 3 व 4) के रोगियों में किसी भी कारण से मौत के 8 से 46% कम जोखिम से जुड़ा था।
फिटनेस की अधिकता वाले फेफड़े या पाचन कैंसर मरीजों में किसी भी कारण से मृत्यु का खतरा 19 से 41% कम था।
उनके फिटनेस स्तर में प्रत्येक इकाई की वृद्धि से कैंसर मृत्यु का 18% कम जोखिम जाना गया।
नतीजे देखते हुए कैंसर मरीजों की मांसपेशियों की ताकत और फिटनेस बढ़ाने के लिए खास एक्सरसाइज प्रोग्राम की आवश्यकता कही गई।
कैंसर मरीजों का जीवनकाल बढ़ाने में मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
यह स्टडी ब्रिटिश जर्नल ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन में प्रकाशित हुई थी।