इंजेक्शन से दी जाने वाली दवा Tirzepatide मोटापे व प्रीडायबिटीज़ रोगियों में डायबिटीज का खतरा घटा सकती है।
यह जानकारी वेइल कॉर्नेल मेडिसिन, न्यूयॉर्क-प्रेस्बिटेरियन, येल स्कूल मेडिसिन व अन्य संस्थाओं के वैज्ञानिकों ने दी है।
उनकी साझा स्टडी में इंजेक्शन दवा Zepbound® (tirzepatide) ने प्लेसबो की अपेक्षा डायबिटीज जोखिम को 90% से अधिक कम किया।
Tirzepatide दवा से हुए इलाज में मोटापे व प्रीडायबिटीज़ रोगियों का वजन एवं डायबिटीज विकास कम पाया गया।
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176 हफ्ते Tirzepatide लेने वाले मरीजों के वजन में 5, 10 और 15mg डोज से क्रमश: 12.3%, 18.7% व 19.7% कमी थी।
उनकी तुलना में प्लेसबो (Placebo) प्राप्त मरीजों में यह परिवर्तन केवल 1.3% दर्ज किया गया।
Tirzepatide लेने वाले 90% से अधिक रोगियों का A1c (ब्लड शुगर) स्तर, प्लेसबो-उपचारित 59% रोगियों की अपेक्षा, सामान्य था।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, Tirzepatide वजन घटाने और ब्लड शुगर कंट्र्रोल करने वाले हार्मोन उत्तेजित करती है।
नई दवा GLP-1 और GIP दोनों रिसेप्टर को सक्रिय करके इंसुलिन स्राव बढ़ाती है और भोजन की इच्छा कम करती है।
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हालांकि, इससे मतली-उल्टी जैसे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल साइड इफेक्ट्स हो सकते है, जो लगातार दवा लेने से कम हो जाते है।
परिणाम इस संभावना की ओर इशारा करते हैं कि Tirzepatide भविष्य में प्रीडायबिटीज का पहला स्वीकृत उपचार बन सकती है।
कुल मिलाकर, वजन घटाने वाली दवा से प्रीडायबिटीज़ रोगियों में टाइप 2 डायबिटीज विकास रुक सकता है।
अधिक विवरण न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित स्टडी से मिल सकता हैं।
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